जंगसाय कोया गोंड आदिवासी हैं और सरगुजा के निवासी हैं। वे दसवीं के छात्र थे जब 2000 में अलग राज्य बना और ज़मीनों के अधिग्रहण ने रफ़्तार पकड़ी...
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छत्तीसगढ़ महतारी की नीलामी का राज्योत्सव
महामहिम राष्ट्रपति ने कल शाम छत्तीसगढ़ की नयी राजधानी नया रायपुर में बने राज्य के नये मंत्रालय भवन और विभागाध्यक्ष भवन का लोकार्पण किया और...
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छत्तीसगढ़ को लूटने का राज्योत्सव
अदम के शेर अदम का मतलब है वंचित। अदम गोंडवी सचमुच पूरी उम्र अभाव और ग़रीबी में जिये- अदम थे, अदम ही रहे। वे कुल पांचवां दर्ज़ा पास थे लेकिन कह...
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उद्योगों के लिए खेती पर हमला
छत्तीसगढ़ में खेती संकट में है। नदी और जंगल भी संकट में है। लोगों की हालत बहुत पतली है, लगातार और पतली होती जा रही है। यह उद्योग और उद्योगपति...
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श्रम शक्ति की लूट के बग़ैर कोई मुनाफ़ा मुमकिन नहीं
सस्ते श्रम के दोहन से शुरू होता है लूट, भ्रष्टाचार और विस्थापन और जो अंतत: पूंजी और संसाधनों का केंद्रीयकरण करता है। इस प्रक्रिया को सहज बना...
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मज़दूरों की सुरक्षा की आपराधिक अनदेखी
प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ के अध्यक्ष भगवती साहू उद्योग प्रभावित किसान संघ में भी सक्रिय हैं। अभी वह साढ़े तेरह महीने की जेल काट कर ज़मानत पर...
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सुनिये क़रीब आती बदलाव की आहट...
श्रमिक के चुनिंदा शेर उम्र की तीन चौथाई सदी पार कर चुके शायर कमल किशोर ‘श्रमिक’ कानपुर में ही पैदा हुए, यहीं पले-बढ़े और यहीं से कानपुर के बा...
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उद्योगपतियों की चाकरी में सरकार
राज्योत्सव के तहत आयोजित हुए निवेशकों के दो दिन के मिलन समारोह का कल समापन हो गया। इसी के साथ तय हो गया कि छत्तीसगढ़ के हालात अभी और बिगडेंगे...
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जितना ऊंचा विकास का पहाड़, उतनी गहरी बदहाली की खाई
इस व्योपारी को प्यास बहुत है गिर्दा उत्तरांचल में हुए तमाम जन आंदोलनों की सांस्कृतिक आवाज़ थे- चाहे वह नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन रहा हो या फि...
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लूट के महायज्ञ में प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासियों की बलि
हरियाली के आखेटक इलाहाबाद की ग़रीब बस्तियों के वाशिंदों के बीच अंशु मालवीय उनके संघर्षों के जुझारू साथी के तौर पर जाने जाते हैं लेकिन हिंदीभ...
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विकास का नहीं, विनाश का राज्योत्सव
शहीद शंकर गुहा नियोगी संघर्ष और निर्माण के महान रचनाकार थे। उन्होंने ‘नवा भारत बर नवा छत्तीसगढ़’ का सूत्र वाक्य गढ़ते हुए यह नारा दिया था कि ‘...
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कैसा राज्योत्सव, किसका राज्योत्सव
चलव-चलव गा भाई कलादास डेहरिया कोई बीस सालों से जन संघर्षों के मोर्चे पर सांस्कृतिक सिपाही की हैसियत से तैनात हैं। इसकी प्रेरणा उन्हें शहीद...
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